चाणक्य नीति: क्या आप जानते हैं कि इंसान और घोड़े इतनी जल्दी बूढ़े क्यों हो जाते हैं? यह है बड़ा कारण - Newztezz

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Sunday, January 3, 2021

चाणक्य नीति: क्या आप जानते हैं कि इंसान और घोड़े इतनी जल्दी बूढ़े क्यों हो जाते हैं? यह है बड़ा कारण

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मनुष्य लंबे समय तक युवा रहने के  लिए अपनी पूरी कोशिश  करता है  , लेकिन थोड़ी देर बाद वृद्ध उन्हें घेर लेता है। नैतिकता के महान ज्ञाता आचार्य चाणक्य ने भी अपनी पुस्तक चाणक्य नीति  में  बुढ़ापे का वर्णन किया है  । वह बताते हैं, एक कविता के माध्यम से, मनुष्यों और घोड़ों की इतनी जल्दी उम्र क्यों होती है। तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

अध्वा जरा मनुष्याणां वाजिनां बंधनं जरा।
अमैथुनं जरा स्त्रीं वस्त्राणामत्पं जरा ।।

चाणक्य का मानना ​​है कि पुरुषों के लिए, अत्यधिक चलना, घोड़ों को बांधना और कपड़े पहनना बुढ़ापे का कारण है। इसका मतलब है कि सभी काम सीमा के भीतर किए जाने चाहिए। आवश्यकता से अधिक चलना थका देने वाला होता है और व्यक्ति बूढ़ा लगने लगता है। बंधे होने पर घोड़ा बूढ़ा हो जाता है। इसका मतलब है कि काम घोड़े से लिया जाना चाहिए। लगातार धूप में सूखने से कपड़े जल्दी खराब हो जाएंगे। एक कहावत है जो इस कविता के शब्दों को फिट करता है, क्यों एक घोड़ा? पानी क्यों सड़ रहा है? रोटी क्यों जलाई जाती है? फिर कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

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